PG Sanskrit in PPU:मैथिली व पाली विभाग खोलने को एकेडमिक काउंसिल की हरी झंडी
पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय (PPU) की एकेडमिक काउंसिल ने पोस्टग्रेजुएट (पीजी) संस्कृत, मैथिली एवं पाली विभाग शुरू करने की मंजूरी दे दी है। यह निर्णय कुलपति प्रो. शरद कुमार यादव की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित बैठक में लिया गया। बैठक में सीबीसीएस (चॉइस-बेस्ड क्रेडिट सिस्टम) के तहत स्नातक पाठ्यक्रम में योग को शामिल करने और हेल्थ केयर मैनेजमेंट कोर्स शुरू करने पर भी सहमति बनी।
प्रमुख निर्णय:
1. नए विभाग एवं पाठ्यक्रम:
- - पीजी संस्कृत, मैथिली और पाली विभाग की स्थापना की जाएगी।
- - शिक्षा एवं कानून संकाय में पीजी विभाग और पीएचडी कार्यक्रम शुरू करने पर विचार किया गया है।
- - सीबीसीएस के चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम में योग को प्रमुख विषय के रूप में जोड़ा जाएगा।
2. सिलेबस संशोधन:
- - बीबीए और बीसीए के पाठ्यक्रम में 20% तक बदलाव को मंजूरी दी है। संशोधित सिलेबस को राजभवन भेजकर अंतिम अनुमोदन प्राप्त किया जाएगा।
- - एमआईएल (मॉडर्न इंडियन लैंग्वेज) के तहत छात्र अब सेमेस्टर-1 में हिंदी को भी चुन सकेंगे।
3. अन्य घोषणाएँ:
- - शोध को बढ़ावा देने के लिए रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल और आईटी सेल स्थापित किए जाएंगे।
- - पीएचडी में एलाइड विषयों के लिए आरक्षित सीटों की संख्या बढ़ाने पर विचार चल रहा है।
- - एलएलएम के नियमावली में बिहार इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ के स्थान पर पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय का नाम जोड़ा गया।
बैठक में उपस्थिति:
कुलसचिव प्रो. एन.के. झा, प्रति कुलपति, डीएसडब्ल्यू, परीक्षा नियंत्रक डॉ. मनोज कुमार, डीन प्रो. छाया सिन्हा, कॉलेज ऑफ कॉमर्स के प्राचार्य डॉ. इंद्रजीत राय, टीपीएस प्राचार्य डॉ. उपेंद्र प्रसाद सिंह सहित अन्य गणमान्य शिक्षाविद मौजूद थे।
सभी निर्णय अंतिम अनुमोदन के बाद ही लागू होंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने और छात्रों के लिए नए अवसर सृजित करने पर जोर दिया है।
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